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शहीद दिवस पर क्रांतिकारीयों को ‘है नमन’

Hai Naman by Parv Fusion Band

जो मातृभूमि की खातिर दी है तुमने कुर्बानी,
ना भूलेंगे इस ऋण को कहे आज हर हिंदुस्तानी,
है नमन शहीदों आपको…

डॉ. कृपेश के द्वारा लिखित ‘है नमन’ गीत की यह पंक्तियां भारत देश पर कुर्बान होने वाले उन वीरों के बलिदान को समर्पित है। आज़ादी के लिए हमारे देश के कई वीर जवानों ने अपना सर्वस्व कुर्बान कर दिया। “इन्कलाब ज़िंदाबाद” का नारा देने वाले एक क्रांतिकारी वीर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के साथ-साथ सुखदेव और राजगुरु को बहुत ही कम उम्र में अंग्रेज हुकूमत ने फांसी के फंदे पर लटका दिया था। साइमन कमीशन के विरोध करने वालों पर जब अंग्रेजों ने लाठियां चलवाई, तब उसमें लाला लाजपत राय की घायल होकर मृत्यु हो गयी। उसका बदला लेने के लिए भगत सिंह ने राजगुरु के साथ मिलकर 17 दिसम्बर 1928 को लाहौर में सहायक पुलिस अधीक्षक रहे अंग्रेज़ अधिकारी जॉह्न सांडर्स को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। क्रान्तिकारी साथी बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर भगत सिंह ने वर्तमान नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश भारत की तत्कालीन सेण्ट्रल एसेम्बली के सभागार संसद भवन में 8 अप्रैल 1929 को अंग्रेज़ सरकार को जगाने के लिये बम और पर्चे फेंके थे।

इन तीनों ने ब्रिटिश सरकार और उसके नीति नियमों के विरोध में अपनी आवाज़ को हमेशा बुलंद रखा। इसलिए 23 मार्च 1931 को क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु को ब्रिटिश हुकूमत के दौरान फांसी की सजा सुनाई गई थी। उन्के इस बलिदान पर ‘ऐ वतन’ गीत की यह पंक्तियाँ याद आती है ”ऐ वतन, ऐ वतन तू सलामत रहे हम रहे ना रहे ये तिरंगा रहे”। देश की खातिर उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए इसलिए समग्र देशवासियों को इन पर नाज़ है।

Ai Watan – Krup Music
Hai Naman – Krup Music

देश पर मर मिटने वाले इन बहादुरों की कुर्बानी के लिए इस दिन को शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है। इन तीनों वीर सपूतों ने देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ते लड़ते देश के जवानों के सामने एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी क्रांति और जोश आज भी युवाओं की प्रेरणा बने हुए हैं। Give Vacha Foundation और GLCC के अंतर्गत होने वाले शहीद दिवस पर्व पर पर्व फ्यूजन बैंड के कलाकार द यांगेस्ट सिंगर और एक्टर पांच वर्षीय पर्व ठक्कर, द नोटेशन गर्ल दस वर्षीय वाचा ठक्कर और गीतकार संगीतकार डॉ. कृपेश ने ‘है नमन’ गीत के द्वारा इन तीनों महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस गाने को कृप म्यूज़िक रिकॉर्ड लेबल कंपनी ने विश्व भर में लॉन्च किया है।

देश के लिए मर कर वे सदा के लिए अमर हो गए। वे तीनों सभी भारत वासियों के दिलों में राज करते हैं। उनके द्वारा दिए गए नारे हर भारतवासी की ज़ुबान पर आज भी रहते हैं। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यही कहना चाहूंगी

शत शत वंदन भारत भूमि को
शत शत वंदन हर वीर शहीद को।
सलाम करते उस जज़्बे जुनून को
बेटे की कुर्बानी देती हर माता को।

जिनकी रग रग में भारत बसता था
लहु का हर कतरा अर्पित रहता था।
उनकी शहादत को हर पल याद रखें
देश की गरिमा को हम आबाद रखें।

Article by: Padma Motwani from GLCC – Kutch

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